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Periods में मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸ होने की असल वजह! कैसे करें मैनेज..?
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान महिलाओं के शरीर में कà¥à¤› हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग, चिड़चिड़ापन और बात-बात पर इमोशनल होना जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं. इसके अलावा पेट में à¤à¤‚ठन और शरीर में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ रहती है.
पीरियडà¥à¤¸ आने से पहले ही हर लड़की परेशान हो जाती हैं. महिलाओं के लिठहर महीने पीरियडà¥à¤¸ के तीन या चार दिन काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल à¤à¤°à¥‡ होते हैं.
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान महिलाà¤à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° तनाव में रहती हैं. इन दिनों में महिलाओं के तनाव में रहने के दो कारण होते हैं, à¤à¤• तो मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कारण से कि वो पीरियडà¥à¤¸ और उससे जà¥à¥œà¥€ असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं को लेकर बहà¥à¤¤ सोचती हैं और दूसरा पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤¨à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® यानी पीà¤à¤®à¤à¤¸ के कारण से.
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान महिलाओं के शरीर में कà¥à¤› हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग, चिड़चिड़ापन और बात-बात पर इमोशनल होना जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं. इसके अलावा पेट में à¤à¤‚ठन और शरीर में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ रहती है.
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होते हैं पीरियडà¥à¤¸?
महिलाओं की ओवरी में à¤à¤• अंडा होता है जो समय के साथ मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° होता है, ये दोनों में से किसी à¤à¥€ ओवरी में हो सकता है. मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° होने के बाद ये यूटरन टà¥à¤¯à¥‚ब के रासà¥à¤¤à¥‡ नीचे यूटरस यानी गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ में आने लगता है. यहां अगर इसे सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® मिल जाता है, तो ये फरà¥à¤Ÿà¥€à¤²à¤¾à¤‡à¤œ करता है.
इसी दौरान यूटरस पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी की तैयारी में लग जाती है. फरà¥à¤Ÿà¥€à¤²à¤¾à¤‡à¤œ किठअंडे का सà¥à¤µà¤¾à¤—त करने के लिठये मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कोशिकाà¤à¤‚ बनाने लगती है, लेकिन जब सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® नहीं मिलता है तो इन कोशिकाओं की कोई जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होती à¤à¤¸à¥‡ में इन कोशिकाओं और उस अंडे को शरीर से बाहर निकलना पड़ता है. यही है हर महीने होने वाली बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग.
मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के टिपà¥à¤¸
आइठजानते हैं कि पीरियडà¥à¤¸ में मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठआप कौन-कौन से उपाय अपना सकते हैं.
मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठसही डाइट लें. महिलाओं के लिठडाइट में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फाइबर, पानी आदि चीजों को टà¥à¤°à¥ˆà¤• करना चाहिà¤.
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से हैपà¥à¤ªà¥€ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ाया जा सकता है. जिससे पीरियडà¥à¤¸ के दौरान मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग कम होगा.
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद लेने से à¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ हैपà¥à¤ªà¥€ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ा सकती हैं.
पीरियडà¥à¤¸ के दौरान à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सपोरà¥à¤Ÿ बहà¥à¤¤ जरूरी है. इससे महिलाओं में चिड़चिड़ापन कम हो सकता है.
सबसे जरूरी पीरियडà¥à¤¸ में मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग को कम करने के लिठआप à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पिà¤à¤‚. पानी पीने से आपकी बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग नहीं होगी. अगर आप गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी पीते हैं, तो पीरियडà¥à¤¸ कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ राहत मिलती है. इसलिà¤, दिन में कम से कम 8 से 9 गिलास पानी पिà¤à¤‚. इससे दरà¥à¤¦ और इरà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ की दिकà¥à¤•त नहीं होती है और आलस à¤à¥€ महसूस नहीं होगी.
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